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Karwa Chouth

  परिचय करवा चौथ हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह भारत के पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान में मनाया जाने वाला पर्व है। यह कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह पर्व सौभाग्यवती स्त्रियाँ मनाती हैं। विकिपीडिया अनुपालन: विवाहित महिलाओं द्वारा उपवास अवकाश प्रकार : धार्मिक उत्सव तारीख: रवि, 24 अक्तू॰ 2021 – सोम, 25 अक्तू॰ 2021 तिथि: कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी उद्देश्य: सौभाग्य समान पर्व: होई अष्टमी, तीज अन्य नाम: करक चतुर्थी #karwachouth #24octber #teej #karwa #pooja #tyohar

Navratri 2021: 7 अक्टूबर को सुबह इतने बजे तक ही है कलश स्थापना मुहूर्त, देखें नवरात्रि पूजन सामग्री लिस्ट

पूजन सामग्री लिस्ट   शारदीय नवरात्रि यानी मां दु्र्गा की उपासना के पावन नौ दिन। नवरात्रि में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस साल शारदीय नवरात्रि आठ दिन के पड़ रहे हैं। तृतीया और चतुर्थी तिथि एक साथ पड़ने के कारण 07 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्रि 14 अक्टूबर को संपन्न होंगे। 15 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) का त्योहार मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस साल नवरात्रि गुरुवार से प्रारंभ हो रहे हैं। ऐसे में मां दुर्गा की सवारी पालकी होगी। मां दुर्गा पालकी या डोली से आएंगी और हाथी पर सवार होकर प्रस्थान करेंगी। 06 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ श्राद्ध समाप्त हो जाएंगे, जिसके अगले दिन यानी 07 अक्टूबर से नवरात्रि प्रारंभ हो जाएंगे।  नवरात्रि में मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए करें ये 6 काम, पूरी होगी मन की मुराद  नवरात्रि में मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए करें ये 6 काम, पूरी होगी मन की मुराद ये दो तिथियां एक साथ- 09 अक्टूबर, शनिवार को तृतीया तिथि सुबह 07 बजकर 48 मिनट तक ही ...

Meribeti

बड़े नसीब वालों के घर जन्म लेती है बेटी घर आँगन को खुशियों से भर देती है बेटी!  बस थोड़ा सा प्यार और दुलार चाहिए इसे  थोड़ी संभाल में लहलहाए वो खेती है बेटी! #lovedoughters  #beti  #lovelypari #queenbeti

Doughters day special

 मैं नहीं सिखा पाऊँगी अपनी बेटी को बर्दाश्त करना ? मैं नहीं सिखा पाऊँगी अपनी बेटी को बर्दाश्त करना एक ऐसे आदमी को जो उसका सम्मान न कर सके। कैसे सिखाए कोई माँ अपनी फूल सी बच्ची को कि पति की मार खाना सौभाग्य की बात है? मैंने तो सिखाया है कोई एक मारे तो तुम चार मारो।  हाँ, मैं बेटी का घर बिगाड़ने वाली बुरी माँ हूँ, . लेकिन नहीं देख पाऊँगी उसको दहेज के लिए बेगुनाह सा लालच की आग में जलते हुए।  मैं विदा कर के भूल नहीं पाऊँगी, अक्सर उसका कुशल क्षेम पूछने आऊँगी। हर अच्छी-बुरी नज़र से, ब्याह के बाद भी उसको बचाऊँगी। बिटिया को मैं विरोध करना सिखाऊँगी।  ग़लत मतलब ग़लत होता है, यही बताऊँगी। देवर हो, जेठ हो, या नंदोई, पाक नज़र से देखेगा तभी तक होगा भाई।  ग़लत नज़र को नोचना सिखाऊँगी, ढाल बनकर उसकी ब्याह के बाद भी खड़ी हो जाऊँगी। डोली चढ़कर जाना और अर्थी पर आना”, ऐसे कठिन शब्दों के जाल में उसको नहीं फसाऊँगी। बिटिया मेरी पराया धन नहीं, कोई सामान नहीं जिसे गैरों को सौंप कर गंगा नहाऊँगी।  अनमोल है वो अनमोल ही रहेगी।  रुपए-पैसों से जहाँ इज़्ज़त मिले ऐसे घर में मैं अपनी बेटी...